राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधान सचिव ने जारी किए निर्देश

प्रधान सविच, पर्यावरण वन एवं जलवायु श्री दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में क्लीन एयर एक्शन प्लान के संदर्भ में बैठक आयोजित हुई।

बैठक में प्रधान सचिव के द्वारा पटना शहर के परिवेशीय वायु गुण में सुधार के उद्देश्य से तैयार किये गये कार्य-योजना के विभिन्न मुद्दों का क्रियान्वयन करने के संबंध में दिये गये निर्देशः-

1. पुराने नगरीय बस सेवा से होने वाले उत्सर्जन की रोकथाम हेतु विशेष अभियान के तहत गाँधी मैदान में उनके उत्सर्जन, Pollution under Control (PUC) Certificate एवं फिटनेश की जांच चरणबद्ध रूप से जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस अधीक्षक एवं मोटरयान निरीक्षक तथा प्रवर्तन अवर निरीक्षक करेंगे।

2. वाहनों से होने वाले उत्सर्जन से संबंधित PUC तथा Fitness की जांच मीठापुर एवं नेशनल हाइवे पर जिला परिवहन पदाधिकारी एवं उनके अधीनस्थ पदाधिकारी करेंगे तथा उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सुसंगत नियम के तहत कार्रवाई करेंगे।

3. यातायात पुलिस सड़कों पर निर्माण सामग्री यथा बालू सीमेंट आदि को ढक कर लाने का परिवहन सुनिश्चित करेंगे।

4. नगर आयुक्त, पटना नगर निगम ठोस अपशिष्टों के खुले जलाने पर प्रतिबंध लगायेंगे तथा ऐसा करनेवालों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

5. सड़क धूल-कण को रोकने हेतु सड़कों पर जल-छिड़काव की नियमित व्यवथा पटना नगर निगम द्वारा की जायेग।

6. पथ निर्माण विभाग से संबंधित पदाधिकारी सड़कों के किनारे पक्का पेभमेन्ट का निर्माण शीघ्र कराने हेतु कार्रवाई करेंगे।

7. निर्माण स्थल को ढक कर निर्माण करने का अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन पटना नगर निगम सुनिश्चित करेंगे। इसका अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी भवन निर्माण विभाग को संसूचित करेंगे। साथ ही भवन का नक्शा पारित करने के समय उक्त शर्त उल्लेखित करेंगे।

8. बिना ढक कर निर्माण करने वाले निर्माण एजेंसी की सूची पटना नगर निगम तैयार कर जिला पदाधिकारी एवं बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

9. किसानों द्वारा खेतों में कृषि अपशिष्ट को नहीं जलाने हेतु जिला कृषि पदाधिकारी एडभाईजरी निर्गत करेंगे तथा ऐसा करने वाले किसानों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे।

10. व्यस्त सड़कों पर मात्र ई-रिक्शा का परिचालन की अनुमति देते हुए रूटों का निर्धारत जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारी बैठक कर करेंगे।

11. खनन पदाधिकारी, पटना जिला के पाँच प्रखंडों में मात्र स्वच्छतर तकनीक से ईंट-भट्ठों को संचालन सुनिश्चित करेंगे।

प्रधान सचिव, पर्यावरण वन एवं जलवायु पर्वतन ने बैठक में बताया कि सड़क निर्माण में पड़ने वाले पेड़ों को अब नहीं काटा जायेगा। अगर सड़क निर्माण में पेड़ से कठिनाई आ रही हो तो पेड़ को Relocate किया जायेगा।

प्रधान सचिव ने कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि पेड़ के जल को एक मीटर तक खोदा नहीं जा सकता है। सड़कों के किनारे पक्का पेगमेन्ट का जहां भी निर्माण करने है, एक मीटर पेड़ की जड़ को छोड़कर करना है, ताकि पेड़ की जड़ को पानी एवं हवा मिल सके।

बैठक में प्रधान सचिव ने जिला खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 71 ईंट भट्टों को जप्त करने की सूची प्रदूषण बार्ड द्वारा दिया गया है। कितनी ईंट भट्टों को जप्त किया गया है तथा कितने
ईंट भट्टों के मालिकों पर एफ0आई0आर0 दर्ज किया गया है, की सूची जिला पदाधिकारी के माध्यम से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद को भेजें।

बैठक में सदस्य सचिव, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने बताया कि परिवेशीय वायु गुणवत्ता की सतत रूप से जांच करने हेतु अनवरत परिवेशीय वायु गुणवता प्रबोधन केन्द्र स्थापित है। उपरोक्त केन्द्र द्वारा परिवेशीय वायु में उपस्थित छोटे कण-पदार्थ के साथ-साथ गैसीय प्रदूषण यथा सल्फर डाय-आॅक्साईड(SO2) नाईट्रोजन डाय-आॅक्साईड(NO2) कार्बन मोनो-आॅक्साईड (CO) ओजोन (O), बेनजीन की जांच की जाती है। सामान्यतः गैसीय प्रदूषक मानक के अधीन रहते हैं, परन्तु छोटे कण पदार्थ की मात्रा जाड़े के मौसम में ज्यादा पायी जाती है। जाड़े के मौसम में छोटे कण-पदार्थ वायुमंडल के निचले परत में संघनित हो जाते हैं, परिणामतः वायु प्रदूषण की स्थिति चिन्ताजनक हो जाती है।

प्रधान सचिव ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वायु प्रदूषण से कितने लोग बीमार हो रहे हैं, उसका जिलावार डाटा प्रस्तुत करें।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री कुमार रवि ने बताया कि वायु प्रदूषण के मुख्य कारण सड़क धूल-कण, वाहन उत्सर्जन ठोस अपशिष्टों को खुले में जलाना, निर्माण क्रियाकलाप, घरेलू क्षेत्र में उपयोग किये जाने वाले जीवाश्य ईंधन एवं शहर के आसपास स्थापित ईंट भट्ठो से होने वाले उत्सर्जन है।

जिलाधिकारी ने कार्यपालक पदाधिकारी दानापुर नगर परिषद एवं कार्यपालक पदाधिकारी खगौल नगर परिषद को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य करने वाले संवेदक एवं मकान मालिकों के द्वारा निर्माण कार्य अगर हरा नेट से कभर कर नहीं किया है तो उनके निर्माण कार्य के लिए अनुमोदित नक्शा को रद्द कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य बंद कराया जाय। इसका नियमित रूप से अनुश्रवण करें।

बैठक में नगर आयुक्त, पटना नगर निगम को निर्देश दिया गया कि यह निश्चित रूप से सुनिश्चित करा लें कि शादी विवाह, डीजे एवं मेला के अवसर पर पुराना आवाज करने वाले जेनरेटर का प्रयोग नहीं हो। अगर कोई मैरेज हाॅल, डी0जे0 एवं मेला प्रबंधक पुराना जेनरेटर का उपयोग करता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाय।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रधान सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु प्रवर्तन के निर्देश का अनुपालन रूचि लेकर करें। प्रत्येक दो महीने पर प्रधान सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु प्रवर्तन की अध्यक्षता में क्लीन एयर एक्शन प्लान की बैठक होगी।

बैठक में प्रधान सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री दीपक कुमार सिंह, जिला पदाधिकारी श्री कुमार रवि के अलावे सदस्य सचिव, बिहार राज्य प्रदूषण बार्ड श्री आलोक कुमार, उप विकास आयुक्त श्री सुहर्ष भगत, पुलिस अधीक्षक यातायात श्री ए0के0 पाण्डेय, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी श्री जैनेन्द्र कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी श्री कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह, अपर समाहर्त्ता राजस्व श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव, वन प्रमंडल पदाधिकारी पटना वन प्रमंडल श्री कुमार सामी सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थें।

 

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